दुनिया में माँ का प्यार बड़ा बेमिसाल है।
गोदी में लेके हाथ से सहला रही है वो,
अब भी तुम्हारे मन में स्वर्ग का ख्याल है।
पन्ना की पूरी दास्तान ध्यान से सुनी,
गीता न पढ़ी, न सही, क्योंकर मलाल है।
खंजर से किया खून था बेटे ने उसी का,
हाथों में माँ के फिर भी दुआ का रुमाल था।
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चुपके-चुपके निकल गए साहब
आप कितना बदल गये साहब।
आग की बात क्या करें यारों,
हम तो पानी से जल गये साहब।
उनकी नज़रों में उठ न पाया मैं
लोग गिरकर संभल गये साहब।
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